मध्य प्रदेश की राजनीति में उमंग सिंघार को लेकर बढ़ती जनचर्चा
राजनीति मेरे लिए केवल सत्ता प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनता के विश्वास, युवाओं के सपनों और प्रदेश के विकास का संकल्प है। पिछले कुछ समय से मध्य प्रदेश की राजनीति में मेरे नाम को लेकर जिस तरह की जनचर्चा बढ़ी है, उसे मैं जनता के भरोसे और कांग्रेस के प्रत्येक कार्यकर्ता की मेहनत का परिणाम मानता हूँ। मेरा मानना है कि जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनता की आवाज़ बनना है और मैं इसी विश्वास के साथ लगातार अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहा हूँ।
जब भी प्रदेश के किसानों, युवाओं, छात्रों, महिलाओं और आम नागरिकों के अधिकारों पर सवाल खड़ा हुआ, मैंने केवल बयान देने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि सड़क से लेकर विधानसभा तक हर मंच पर उनके साथ खड़ा रहने का प्रयास किया।
NEET विवाद में छात्रों के साथ कदम से कदम मिलाकर खड़े रहे उमंग सिंघार
जब NEET परीक्षा को लेकर देशभर में सवाल उठे और लाखों छात्रों का भविष्य चिंता का विषय बना, तब मैंने इसे केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं माना। यह मेहनत करने वाले युवाओं के विश्वास और उनके सपनों का प्रश्न है। इसी भाव के साथ मैं छात्रों के साथ खड़ा हुआ। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों में भागीदारी बना, छात्रों की आवाज़ को सरकार तक पहुँचाया और विधानसभा के भीतर भी इस मुद्दे को पूरी मजबूती से उठाया।
मेरा मानना है कि यदि युवा न्याय की मांग कर रहे हैं, बेहतर शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं तो उनका साथ देना हर जनप्रतिनिधि का कर्तव्य है। किसी भी युवा के सपनों के साथ खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। यदि हमारी शिक्षा व्यवस्था पर से युवाओं का भरोसा कमजोर होगा, तो देश का भविष्य भी प्रभावित होगा। इसलिए मैं आगे भी युवाओं के अधिकारों और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था के लिए पूरी मजबूती से आवाज़ उठाता रहूँगा।a
मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र में छात्रों के सम्मान की लड़ाई
नेता प्रतिपक्ष के रूप में मेरा प्रयास रहा है कि सरकार को जनता से जुड़े हर मुद्दे पर जवाबदेह बनाया जाए,हाल ही में विधानसभा में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा छात्रों के लिए "कीड़ा" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया। मेरे लिए यह केवल एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं थी, बल्कि प्रदेश के लाखों छात्रों के आत्मसम्मान का प्रश्न था। मैंने कांग्रेस विधायक दल के साथ इस विषय को सदन में पूरी मजबूती से उठाया। कॉंग्रेस विधायक दाल ने कड़े शब्दों में कहा कि छात्रों का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जायेगा और सदन में छात्रों के अधिकार और सम्मान के प्रति आवाज़ बुलंद करते हुए साफ़ मांग उठाई की -
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सार्वजनिक रूप से छात्रों से माफी माँगें, छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता पर सदन में चर्चा कराई जाए, युवाओं की आवाज़ को दबाने की बजाय उनकी आवाज़ का सम्मान किया जाए।
कांग्रेस विधायक दल ने सदन में स्पष्ट संदेश दिया कि छात्रों के सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा। जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता तब तक कांग्रेस विधायक दल विधानसभा के भीतर और बाहर लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेगा।
राहुल गांधी के समर्थन में लोकतंत्र की आवाज़ बुलंद की
दिल्ली में छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान हुई कथित बर्बरता ने पूरे देश को झकझोर दिया। ऐसे समय में जब युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों की रक्षा का सवाल उठा, तब हमारे सर्वमान्य नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष आदरणीय श्री राहुल गांधी जी स्वयं छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरे और उनकी आवाज़ बुलंद की। उनके आह्वान को लोकतांत्रिक मूल्यों और युवाओं के सम्मान की लड़ाई मानते हुए, मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायक दल ने भी धरना-प्रदर्शन किया। हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध नहीं, बल्कि यह संदेश देना था कि लोकतंत्र में जनता, युवाओं और विपक्ष की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता।
मेरा दृढ़ विश्वास है कि जब छात्रों के अधिकारों पर आघात हो और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा पर प्रश्नचिह्न लगे, तब जनप्रतिनिधियों का मौन रहना उचित नहीं है। इसलिए हमने जनता के बीच से लेकर विधानसभा तक युवाओं के अधिकारों, लोकतंत्र की रक्षा और जवाबदेही की मांग को पूरी मजबूती से उठाया।
मजबूत विपक्ष ही मजबूत लोकतंत्र की पहचान है
मेरा हमेशा से मानना रहा है कि एक मजबूत विपक्ष ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत होता है। नेता प्रतिपक्ष के रूप में मेरी भूमिका जनता की आवाज़ को पूरी मजबूती से विधानसभा तक पहुँचाना और सरकार को उसके हर फैसले पर जवाबदेह बनाना भी मेरी जिम्मेदारी है। चाहे युवाओं का भविष्य हो, किसानों की समस्याएँ, महिलाओं की सुरक्षा या प्रदेश के आम नागरिकों के अधिकार मैंने हर जनहित के मुद्दे को सदन में पूरी मजबूती से उठाने का प्रयास किया है और यही सिद्धांत मेरी राजनीति की सबसे बड़ी पहचान है।
मेरा विश्वास
मैं मानता हूँ कि जनता का विश्वास किसी भी राजनीतिक पद से बड़ा होता है। यदि आज लोग मेरे काम और संघर्ष की चर्चा कर रहे हैं, तो यह मेरे लिए सम्मान के साथ-साथ जिम्मेदारी भी है। मैं हमेशा जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं को समझने और उनके समाधान के लिए संघर्ष करने में विश्वास रखता हूँ।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश की राजनीति एक नए दौर से गुजर रही है। जनता अब केवल वादे नहीं, बल्कि जवाबदेही, पारदर्शिता और परिणाम चाहती है। मेरा संकल्प है कि मैं किसानों, युवाओं, महिलाओं, आदिवासी समाज और प्रदेश के हर नागरिक की आवाज़ बनकर लोकतंत्र को और मजबूत करूँ। चाहे NEET जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर युवाओं के भविष्य की रक्षा का सवाल हो या प्रदेश के विकास का, मेरा संघर्ष हमेशा जनता के अधिकारों और उनके विश्वास के लिए जारी रहेगा। मेरे लिए राजनीति का सबसे बड़ा पुरस्कार जनता का विश्वास है, और यही विश्वास मुझे निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
यही कारण है कि युवाओं के मुद्दों पर मेरा संघर्ष आज जनचर्चा का विषय बन रहा है।